फर्जी अर्निंग ऐप लिस्ट: नाम, और वो संकेत जो कभी नहीं बदलते
सरकारी एजेंसियों ने जिन फर्जी अर्निंग ऐप्स के नाम लिए, उनमें Power Bank, HPZ Token, Keepsharer, LOXAM और HIBOX हैं। ज़्यादातर अब बंद हैं, पर वही ठगी नए नामों से लौटती है। इसलिए ऐप को उसके काम से परखें: अगर वह पैसे जमा करने या लेवल खरीदने को कहे, या पैसे निकालने के लिए फ़ीस माँगे, तो वह फर्जी है।
इस पेज पर
सरकारी एजेंसियों ने जिन फर्जी ऐप्स के नाम लिए
इन ऐप्स के नाम सरकारी एजेंसियों ने लिए हैं। किसी ऐप पर भरोसा करने से पहले उसका नाम यहाँ खोजें।
सरकार हज़ारों फ्रॉड ऐप ब्लॉक करती है, पर उनके नाम नहीं बताती। नीचे के नाम प्रवर्तन निदेशालय (ED), पुलिस केस और खबरों में आए ब्लॉकिंग आदेशों से हैं। हर नाम के साथ उसका स्रोत है। जो ऐप सिर्फ़ ब्लॉग, YouTube या रिव्यू साइट पर दिखे, उन्हें हमने नहीं जोड़ा।
यहाँ नाम होने का मतलब है कि किसी सरकारी संस्था ने उस ऐप पर आरोप लगाया या उसे ब्लॉक किया। ज़्यादातर मामले अभी अदालत में हैं।
ऐप का नाम लिखकर लिस्ट में खोजें
10 ऐप, जिनके नाम सरकारी एजेंसियों या खबरों में आए
- Power Bank Appनिवेश
दूसरे नाम: पावर बैंक, पावर बैंक ऐप
- क्या दावा किया
- एक निवेश ऐप, जिसने कुछ ही हफ़्तों में पैसे दोगुने करने का वादा किया। 2021 की शुरुआत में यह Google Play पर था।
- पैसे कैसे ठगे
- शुरू में नए लोगों के पैसों से थोड़ा "मुनाफ़ा" दिया, फिर भुगतान रोका और बंद हो गया।
- किसने नाम लिया
- दिल्ली पुलिस (2021), फिर प्रवर्तन निदेशालय (मार्च 2023 में छापे, और नवंबर 2025 की प्रेस रिलीज़)।
- आगे क्या हुआ
- पुलिस के अनुसार 2021 में दो महीनों में 5 लाख से ज़्यादा लोगों के लगभग ₹150 करोड़ डूबे। मार्च 2023 में ED ने 14 जगहों पर छापे मारे और 3 लोगों को गिरफ़्तार किया।
- HPZ Tokenनिवेश
दूसरे नाम: एचपीज़ेड टोकन, एचपीजेड टोकन
- क्या दावा किया
- ऊँचे मुनाफ़े वाला क्रिप्टो "माइनिंग" और टोकन निवेश। ED ने इसे पार्ट टाइम जॉब ऐप्स में भी गिना।
- पैसे कैसे ठगे
- किराए पर लिए गए बैंक खातों और फर्जी कंपनियों की UPI ID के ज़रिए लोगों से पैसे इकट्ठे किए गए। भरोसा जीतने के लिए थोड़े पैसे लौटाए गए।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय (17 मार्च 2026), नागालैंड और असम के पुलिस केस और CBI केस के बाद।
- आगे क्या हुआ
- ED के अनुसार लगभग ₹2,200 करोड़ इकट्ठा किए गए और ₹662 करोड़ से ज़्यादा ज़ब्त हुए। मामला विशेष अदालत में है।
- NBC Appटास्क और पार्ट टाइम जॉब
दूसरे नाम: एनबीसी ऐप
- क्या दावा किया
- एक पार्ट टाइम जॉब ऐप: घर बैठे आसान टास्क करें और कमीशन कमाएँ।
- पैसे कैसे ठगे
- नकली शॉपिंग साइट पर छोटे टास्क करने पर ऐप में पॉइंट मिलते हैं। फिर बड़े टास्क के लिए UPI से पैसे जमा करने को कहा जाता है। शुरू में थोड़े पैसे वापस मिलते हैं ताकि भरोसा बने; उसके बाद पैसे निकलते नहीं और "टैक्स" या "क्लियरेंस" फ़ीस माँगी जाती है।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय (हैदराबाद), 20 नवंबर 2025, Power Bank App, HPZ Token, RCC App और Making App के साथ।
- आगे क्या हुआ
- ED के अनुसार इन ऐप्स से ₹285 करोड़ इकट्ठा किए गए और 92 बैंक खातों में ₹8.46 करोड़ ज़ब्त किए गए। जाँच जारी है।
- RCC Appटास्क और पार्ट टाइम जॉब
दूसरे नाम: आरसीसी ऐप
- क्या दावा किया
- एक पार्ट टाइम जॉब ऐप: घर बैठे आसान टास्क करें और कमीशन कमाएँ।
- पैसे कैसे ठगे
- नकली शॉपिंग साइट पर छोटे टास्क करने पर ऐप में पॉइंट मिलते हैं। फिर बड़े टास्क के लिए UPI से पैसे जमा करने को कहा जाता है। शुरू में थोड़े पैसे वापस मिलते हैं ताकि भरोसा बने; उसके बाद पैसे निकलते नहीं और "टैक्स" या "क्लियरेंस" फ़ीस माँगी जाती है।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय (हैदराबाद), 20 नवंबर 2025।
- आगे क्या हुआ
- ED के अनुसार इन ऐप्स से ₹285 करोड़ इकट्ठा किए गए और 92 बैंक खातों में ₹8.46 करोड़ ज़ब्त किए गए। जाँच जारी है।
- Making Appटास्क और पार्ट टाइम जॉब
दूसरे नाम: मेकिंग ऐप
- क्या दावा किया
- एक पार्ट टाइम जॉब ऐप: घर बैठे आसान टास्क करें और कमीशन कमाएँ।
- पैसे कैसे ठगे
- नकली शॉपिंग साइट पर छोटे टास्क करने पर ऐप में पॉइंट मिलते हैं। फिर बड़े टास्क के लिए UPI से पैसे जमा करने को कहा जाता है। शुरू में थोड़े पैसे वापस मिलते हैं ताकि भरोसा बने; उसके बाद पैसे निकलते नहीं और "टैक्स" या "क्लियरेंस" फ़ीस माँगी जाती है।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय (हैदराबाद), 20 नवंबर 2025।
- आगे क्या हुआ
- ED के अनुसार इन ऐप्स से ₹285 करोड़ इकट्ठा किए गए और 92 बैंक खातों में ₹8.46 करोड़ ज़ब्त किए गए। जाँच जारी है।
- Keepsharerटास्क और पार्ट टाइम जॉब
दूसरे नाम: Keepshare, कीपशेयरर, कीपशेयर
- क्या दावा किया
- एक पार्ट टाइम जॉब: हर वीडियो को "लाइक" करने पर ₹20।
- पैसे कैसे ठगे
- रजिस्टर करने के लिए पैसे देने पड़ते थे। कमाई ऐप के अंदर के वॉलेट में दिखती थी, और इकट्ठा किया गया पैसा भारत से बाहर भेजा गया।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय, अक्टूबर 2022।
- आगे क्या हुआ
- ED ने ₹5.85 करोड़ फ्रीज़ किए। बाद में ऐप Play Store से हटा दिया गया।
- LOXAMनिवेश
दूसरे नाम: लोक्सम, लॉक्सम
- क्या दावा किया
- एक निवेश ऐप, जिसने एक फ्रांसीसी कंपनी से जुड़े होने का झूठा दावा किया और ऊँचे मुनाफ़े का वादा किया।
- पैसे कैसे ठगे
- "मुनाफ़े" के लिए पैसे जमा करवाए गए, जो निकाले ही नहीं जा सके।
- किसने नाम लिया
- हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस (2022), फिर प्रवर्तन निदेशालय (2025)।
- आगे क्या हुआ
- पुलिस ने ठगी ₹903 करोड़ की बताई और 10 लोगों को गिरफ़्तार किया। जून 2025 में ED ने कथित मास्टरमाइंड को गिरफ़्तार किया।
- HIBOXनिवेश
दूसरे नाम: हाईबॉक्स, हाइबॉक्स
- क्या दावा किया
- रोज़ 1 से 5 प्रतिशत मुनाफ़े का वादा करने वाला निवेश ऐप, जिसका प्रचार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर करते थे।
- पैसे कैसे ठगे
- शुरू में "मुनाफ़ा" दिया गया, फिर पैसे निकलने बंद हो गए।
- किसने नाम लिया
- दिल्ली पुलिस (IFSO साइबर यूनिट), 2024।
- आगे क्या हुआ
- 500 से ज़्यादा शिकायतें, लगभग ₹500 करोड़ की ठगी का आरोप। मुख्य आरोपी गिरफ़्तार है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
- Fiewinसट्टा और गेम
दूसरे नाम: फीविन, फिविन
- क्या दावा किया
- जल्दी पैसे कमाने के लिए कलर प्रेडिक्शन और किस्मत वाले गेम, जिनका प्रचार YouTube और Facebook पर हुआ।
- पैसे कैसे ठगे
- शुरू में छोटी रकम निकल जाती थी। बड़ी रकम रोक दी जाती थी।
- किसने नाम लिया
- प्रवर्तन निदेशालय, सितंबर 2024।
- आगे क्या हुआ
- ED ने पाया कि लगभग ₹400 करोड़ विदेशी क्रिप्टो वॉलेट में भेजे गए थे, और 4 लोगों को गिरफ़्तार किया।
- Mahadev Bookसट्टा और गेम
दूसरे नाम: Mahadev Online Book, Reddyannaprestopro, महादेव बुक, महादेव ऐप
- क्या दावा किया
- ऑनलाइन सट्टे को कमाई के तरीके की तरह दिखाया गया।
- पैसे कैसे ठगे
- ऐप और WhatsApp पर एजेंटों के ज़रिए दाँव लगवाए जाते थे और पैसे जमा करवाए जाते थे।
- किसने नाम लिया
- इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, नवंबर 2023, ED के कहने पर, 21 और सट्टा ऐप्स के साथ।
- आगे क्या हुआ
- भारत में ब्लॉक। मालिकों पर मनी लॉन्ड्रिंग की ED जाँच चल रही है।
कोई ऐप इस लिस्ट में नहीं है, तो इससे वह सुरक्षित नहीं हो जाता। ये ऐप हर कुछ हफ़्तों में नाम बदलते हैं। जो कभी नहीं बदलता, वो यह है कि वे आपसे पैसे माँगते हैं।

जिन ऐप्स के बारे में लोग हमसे पूछते हैं
AI Task, BharatCash और Therinjiko के नाम किसी सरकारी एजेंसी ने नहीं लिए, इसलिए देखें कि हर ऐप का अपना पेज क्या वादा करता है।
महिलाएँ इन ऐप्स को "असली या नकली" लिखकर खोजती हैं। 1 नवंबर 2026 तक हमें पुलिस, ED या सरकार का ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला जिसमें इनमें से किसी का नाम हो, इसलिए ये ऊपर की लिस्ट में नहीं हैं। पर इसका मतलब यह न समझें कि ये सुरक्षित हैं। नीचे लिखा है कि हर ऐप का अपना Google Play पेज क्या कहता है, ताकि आप खुद जाँच सकें।
- AITask: Help AI & get rewards (डेवलपर HALEY ALLISON, 1 लाख से ज़्यादा डाउनलोड)। यह "AI को ट्रेन करने में मदद" के नाम पर सवालों के जवाब देने और तस्वीरों में फ़र्क ढूँढने को कहता है, और बदले में इनाम व पैसे निकालने का टारगेट ("विदड्रॉल गोल") दिखाता है। पेज यह नहीं बताता कि एक टास्क के कितने पैसे मिलेंगे या भुगतान कैसे होगा। असली AI ट्रेनिंग के काम में शुरू करने से पहले ही बता दिया जाता है कि कौन सी कंपनी पैसे दे रही है और रेट क्या है: देखें AI training jobs from home।
- BharatCash (5 लाख से ज़्यादा डाउनलोड, 4.4 स्टार)। एक रिवॉर्ड ऐप: सर्वे, गेम और वीडियो के बदले कॉइन, गिफ़्ट कार्ड और रेफ़रल बोनस, "बिना किसी निवेश के"। ऐसे रिवॉर्ड ऐप थोड़ी रकम ही देते हैं। अगर यह कभी आपकी कमाई देने से पहले आपसे पैसे माँगे, तो वहीं रुक जाएँ।
- Therinjiko (डेवलपर Gyani, 5 लाख से ज़्यादा डाउनलोड)। अंग्रेज़ी, पैसे और करियर पर छोटे वीडियो वाला सीखने का ऐप। इस ऐप में सिर्फ़ सीखने के वीडियो मिलते हैं, टास्क करने के पैसे नहीं। अगर किसी ने कहा कि यह वीडियो देखने के पैसे देता है, तो यह वादा ऐप के अपने पेज से नहीं आया।
Captcha Entry या Type2Earn जैसे कैप्चा ऐप के बारे में जानना है? वे हमारी गाइड कैप्चा टाइपिंग जॉब में हैं।
कोई भी लिस्ट कभी पूरी क्यों नहीं होती
ब्लॉक हुए ऐप कुछ ही दिनों में नए नाम से लौट आते हैं, इसलिए कोई लिस्ट कभी पूरी नहीं होती।
सरकार ने संसद को बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने 30 जून 2026 तक 3,718 मोबाइल ऐप ब्लॉक किए, जिनमें फ्रॉड लोन ऐप भी हैं। दिसंबर 2023 में टास्क और पार्ट टाइम जॉब ठगी में इस्तेमाल हो रही 100 से ज़्यादा वेबसाइटें ब्लॉक की गईं। सरकार गिनती बताती है, नाम नहीं।
एक ऐप ब्लॉक होने से ठगी शायद ही खत्म होती है। वही लोग कुछ ही दिनों में नए नाम, नई पहचान (लोगो) और नए WhatsApp नंबर के साथ उसे फिर शुरू कर देते हैं। इसलिए लिस्ट पुराने नाम पहचानने में मदद करती है, पर अगली ठगी से आपको नीचे दी गई जाँच ही बचाएगी।
सरकार ने दिसंबर 2023 में बताया कि ऐसी ठगी के निशाने पर ज़्यादातर रिटायर कर्मचारी, महिलाएँ और बेरोज़गार युवा होते हैं। विज्ञापन कई भारतीय भाषाओं में Google, Facebook और Instagram पर चलते हैं, और "घर बैठे जॉब" जैसे शब्द खोजने पर दिखते हैं। इनमें कितनी महिलाएँ ठगी गईं, इसकी अलग से कोई सरकारी गिनती अभी नहीं है, इसलिए हम कोई आँकड़ा नहीं देते।
हर फर्जी अर्निंग ऐप ऐसे काम करता है
हर फर्जी अर्निंग ऐप पहले थोड़े पैसे देता है, फिर ऐसे पैसे जमा करवाता है जो कभी वापस नहीं आते।
सरकार और ऊपर दिए ऐप्स पर ED की जानकारी, दोनों में ठगी का यही तरीका दिखता है:
- कोई विज्ञापन या मैसेज घर बैठे कमाई का वादा करता है: "घर बैठे जॉब", पार्ट टाइम काम, या फ़ोन पर रोज़ कुछ सौ रुपये।
- WhatsApp या Telegram पर एक "एजेंट" आसान टास्क देता है: वीडियो लाइक करना, चैनल सब्सक्राइब करना, मैप पर जगहों को रेटिंग देना, या शॉपिंग साइट पर सामान "खरीदना"।
- आपको ₹100 या ₹200 जैसी छोटी रकम मिलती है, ताकि सब असली लगे।
- फिर आपसे एक ऐप डाउनलोड करने या ग्रुप में जुड़ने को कहा जाता है, और ज़्यादा कमाई वाले "प्रीपेड" या "VIP" टास्क के लिए पैसे जमा करने को कहा जाता है।
- स्क्रीन पर आपका बैलेंस बढ़ता है, पर वह ऐप में सिर्फ़ एक नंबर है।
- पैसे निकालने की कोशिश करते ही नई शर्त आती है: टैक्स, क्लियरेंस फ़ीस, बड़ा डिपॉज़िट, या कोई "गलती" जिसे ठीक करने के पैसे देने हों।
- फिर ऐप काम करना बंद कर देता है, और एजेंट जवाब देना बंद कर देता है।
अगर कोई ऐप आपको ऐसा बैलेंस दिखा रहा है जो निकल नहीं रहा, तो आपके साथ ऊपर बताई छठी बात हो रही है। पैसे देना बंद करें। इस ठगी की पूरी जानकारी Telegram task scam गाइड में है।
ऐप फर्जी होने के 7 संकेत
ऐप को इंस्टॉल करने से पहले जाँचें, पैसे देने के बाद नहीं।
- डिपॉज़िट या जॉइनिंग फ़ीस माँगता है। या "VIP" लेवल खरीदने को कहता है।
- APK फ़ाइल या लिंक से आता है। यह Play Store पर नहीं है।
- आपके कॉन्टैक्ट, SMS या फ़ोटो माँगता है। कमाई वाले ऐप को इस परमिशन (इजाज़त) की कोई ज़रूरत नहीं होती।
- AnyDesk डालने को कहता है। या कोई भी स्क्रीन शेयरिंग ऐप, जिससे वे आपकी बैंक डिटेल देख सकें।
- किसी अनजान ने भेजा। WhatsApp या Telegram पर किसी ने आपको यह ऐप बताया।
- रोज़ की पक्की कमाई का वादा। हर दिन एक तय रकम, चाहे आप कुछ भी करें।
- कोई असली डेवलपर नहीं। Play Store पर डेवलपर कोई ऐसी कंपनी नहीं जिसका पता आप जाँच सकें।
इनमें से एक भी हो: ऐप इंस्टॉल न करें, और उसमें कभी पैसे न डालें।
लोन और ट्रेडिंग ऐप्स की सरकारी लिस्ट होती है
- लोन ऐप: RBI बैंकों और रजिस्टर्ड कर्ज़ देने वालों के डिजिटल लेंडिंग ऐप्स की डायरेक्टरी छापता है (rbi.org.in पर, Citizen's Corner में, "DLAs deployed by Regulated Entities")। Google Play भारत में पर्सनल लोन ऐप तभी रखता है जब वह इस लिस्ट में हो, और उसे आपके कॉन्टैक्ट या फ़ोटो देखने नहीं देता।
- ट्रेडिंग और फ़ॉरेक्स ऐप: ब्रोकर को SEBI की रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी लिस्ट में, और RBI की बिना मंज़ूरी वाले फ़ॉरेक्स प्लेटफ़ॉर्म की Alert List में देखें।
- अर्निंग ऐप्स की कोई लिस्ट नहीं है। कोई भी सरकारी संस्था "अर्निंग ऐप" को लाइसेंस नहीं देती, इसलिए एक ही जाँच काम करती है: क्या यह आपसे पैसे माँगता है?
सट्टा और पैसे वाले गेम भी कमाई का तरीका नहीं हैं। भारत में 1 मई 2026 से ऑनलाइन मनी गेम और उनके विज्ञापन बैन हैं।
अगर ऐप इंस्टॉल कर लिया, या पैसे दे दिए
पैसे देना बंद करें: स्क्रीन पर दिख रहा बैलेंस कभी नहीं निकलेगा। 1930 पर कॉल करें।
- पैसे देना बंद करें। पैसे निकालने के लिए माँगी गई हर फ़ीस ठगी का अगला कदम है। स्क्रीन पर दिख रहा बैलेंस नहीं निकलेगा।
- 1930 पर कॉल करें या जितनी जल्दी हो सके cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगी, उतनी ज़्यादा उम्मीद है कि जिस खाते में आपका पैसा गया है, उसे वहीं रोका जा सके।
- अपने बैंक को बताएँ और उन्हें UPI ट्रांज़ैक्शन ID दें।
- ऐप डिलीट करें और उसकी परमिशन हटाएँ (Settings, फिर Apps)। अगर आपने स्क्रीन शेयर की या कोई कोड बताया, तो UPI PIN बदल दें।
- सबूत रखें: ऐप के स्क्रीनशॉट, चैट, जिन UPI ID पर पैसे भेजे, और एजेंट के नंबर।
- फ़ीस लेकर पैसे वापस दिलाने का दावा करने वालों से दूर रहें। "रिकवरी एजेंट" दूसरी ठगी है, जो पैसे गँवा चुके लोगों को निशाना बनाती है।
पूरी मदद: UPI scam में पैसे वापस कैसे पाएँ और job scam की शिकायत कैसे करें।
घर बैठे असली काम कैसा होता है
असली काम में आपको पैसे मिलते हैं; काम पाने के लिए आपको कभी पैसे नहीं देने पड़ते।
असली काम में आपको पैसे मिलते हैं; काम पाने के लिए आपको कभी पैसे नहीं देने पड़ते। कुछ असली ऐप सर्वे के लिए थोड़े पैसे देते हैं, अक्सर स्टोर क्रेडिट के रूप में। असली काम में कंपनी का नाम होता है, संपर्क के लिए कोई असली व्यक्ति होता है जिसके बारे में आप पता कर सकें, और हाँ कहने से पहले आपको पता होता है कि कितने पैसे मिलेंगे। बिना पैसे लगाए असली काम के लिए पढ़ें: बिना पैसे लगाए घर बैठे काम।
HerWorkCircle पूरे भारत की उन महिलाओं का सक्रिय, बढ़ता हुआ समूह है जो घर बैठे काम करती हैं। आप फ़ोन पर फ्री स्किल चेक पूरा करती हैं, हमारी टीम का एक व्यक्ति आपके जवाब पढ़ता है, और हम आपके समय के हिसाब से जाँचा-परखा असली काम भेजते हैं। हम कभी पैसे नहीं माँगते।
सवाल-जवाब
Power Bank ऐप असली है या नकली?
नकली। दिल्ली पुलिस के अनुसार 2021 में 5 लाख से ज़्यादा लोगों के लगभग ₹150 करोड़ Power Bank और उस जैसे एक और ऐप में डूबे, और प्रवर्तन निदेशालय ने इससे जुड़े लोगों पर छापे मारे और गिरफ़्तारियाँ कीं।
भारत में कौन से अर्निंग ऐप बैन हैं?
सरकार ने हज़ारों फ्रॉड ऐप ब्लॉक किए हैं, पर उनके नाम नहीं बताती। ED, पुलिस या ब्लॉकिंग आदेश में जिन ऐप्स के नाम आए, वे अपने स्रोत के साथ इस पेज पर ऊपर दी गई लिस्ट में हैं, जहाँ आप नाम लिखकर खोज सकती हैं।
ऐप ने एक बार पैसे दिए। क्या इसका मतलब यह है कि वह असली है?
नहीं। पहली छोटी रकम देकर ही ये ठग भरोसा जीतते हैं। डिपॉज़िट, VIP लेवल या पैसे निकालने की फ़ीस की माँग उसके बाद आती है।
क्या फर्जी ऐप से पैसे वापस मिल सकते हैं?
कभी कभी, अगर आप जल्दी शिकायत करें। 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, और बैंक को UPI ट्रांज़ैक्शन ID दें, ताकि पैसा जहाँ पहुँचा वहीं रोका जा सके।
कोई कह रहा है कि फ़ीस लेकर मेरे पैसे वापस दिला देगा। क्या पैसे दूँ?
नहीं। पैसे लेकर "रिकवरी" का वादा दूसरी ठगी है। सिर्फ़ पुलिस, आपका बैंक और cybercrime.gov.in मदद कर सकते हैं, और वे कोई फ़ीस नहीं लेते।
AI Task ऐप असली है या नकली?
1 नवंबर 2026 को जब हमने देखा, किसी सरकारी एजेंसी ने इसका नाम नहीं लिया था। इसका Play Store पेज AI ट्रेनिंग में मदद के बदले इनाम का वादा करता है, पर यह नहीं बताता कि एक टास्क के कितने पैसे मिलेंगे या भुगतान कैसे होगा। पैसे निकालने के लिए इसमें कभी पैसे न दें।
Therinjiko ऐप असली है या नकली?
Therinjiko, Google Play पर छोटे वीडियो से सिखाने वाला ऐप है, जिसके 5 लाख से ज़्यादा डाउनलोड हैं। इस ऐप में सिर्फ़ सीखने के वीडियो मिलते हैं, टास्क करने के पैसे नहीं, इसलिए जो कहे कि यह वीडियो देखने के पैसे देता है, उस पर भरोसा न करें।
क्या कोई असली अर्निंग ऐप भी हैं?
हाँ, पर वे थोड़ी रकम देते हैं, अक्सर स्टोर क्रेडिट के रूप में, और कभी पहले पैसे नहीं माँगते। जो ऐप कमाने या पैसे निकालने के लिए डिपॉज़िट माँगे, वह फर्जी है।
हमारे पास आने वाला काम अंग्रेज़ी में होता है: पढ़ना, जाँचना और छोटे जवाब लिखना। घबराइए नहीं। रोज़ थोड़ा समय देंगी तो काम की अंग्रेज़ी आसानी से सीख जाएँगी।
स्रोत
- Cyber fraud case: part-time job apps including NBC, Power Bank, HPZ Token, RCC and Making App Enforcement Directorate, Hyderabad (press release, 20 November 2025)
- HPZ Token case: attachment and prosecution Enforcement Directorate, Dimapur (press release, 17 March 2026)
- Power Bank app fraud: ED searches 14 locations, 3 arrested Business Standard (March 2023)
- Part-time jobs fraud: ED raids entities linked to the Keepsharer app Business Today (3 October 2022)
- ED arrests mastermind in ₹903 crore app investment scam (LOXAM) The Tribune (July 2025)
- ₹500 crore scam related to investment app (HIBOX) unearthed, mastermind held The Tribune (2024)
- Fiewin app: ED links ₹400 crore scam to foreign wallets, 4 arrested Free Press Journal (September 2024)
- Mahadev app among 22 betting platforms blocked The Tribune (November 2023)
- Government blocks over 100 websites for task-based job and investment frauds All India Radio News (6 December 2023)
- Govt blocks 100+ websites involved in job scams and illegal investments (targets named) The News Minute (6 December 2023)
- Centre blocks over 3,700 mobile apps; Rs 11,158 crore saved (written reply in Parliament) ANI (11 August 2026)
- RBI's directory of digital lending apps Press Information Bureau
- Personal loans in India: listing requirements Google Play Console Help
- Alert List of unauthorised forex trading platforms Reserve Bank of India
- Online Gaming Act 2025 comes into force SCC Online (23 April 2026)
- AITask: Help AI & get rewards (app listing, seen 1 November 2026) Google Play
- BharatCash (app listing, seen 1 November 2026) Google Play
- Therinjiko (app listing, seen 1 November 2026) Google Play